
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब Sunetra Pawar ने Deputy CM पद की शपथ ली। इसके बाद पहली बार NCP प्रमुख Sharad Pawar ने बारामती में चुप्पी तोड़ी।
Sharad Pawar ने साफ कहा— “मुझे खुशी है कि सुनेत्रा पवार को मौका मिला और शपथ विधि पूरी हुई। व्यक्तिगत तौर पर यह मेरे लिए आनंद का विषय है।”
हालांकि, उन्होंने बेहद सधे लहजे में जोड़ दिया कि इस पर ज्यादा टिप्पणी करना नहीं चाहते। सियासत में कभी-कभी चुप्पी ही सबसे बड़ा बयान होती है।
NCP Merger पर बड़ा दावा, CM Fadnavis पर सीधा कटाक्ष
NCP के संभावित विलय को लेकर Sharad Pawar ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि विलय की बातचीत Ajit Pawar और Jayant Patil के बीच हुई, इसमें Devendra Fadnavis की कोई भूमिका नहीं थी।
Sharad Pawar ने तीखे अंदाज़ में कहा, “जब प्रक्रिया में शामिल ही नहीं थे, तो टिप्पणी का अधिकार कैसे?”
यह बयान सीधे-सीधे मुख्यमंत्री की राजनीतिक नैतिकता पर सवाल खड़ा करता है।
Budget Session से दूरी, 58 साल का रिकॉर्ड टूटा
Sharad Pawar ने माना कि स्वास्थ्य कारणों से वह Budget Session में शामिल नहीं हो सके, जो पिछले 58 वर्षों में पहली बार हुआ।
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आम बजट देश को नई आर्थिक रफ्तार देगा, लेकिन संसद में मौजूद न रह पाना उनके लिए व्यक्तिगत रूप से पीड़ादायक रहा।
India-US Trade Deal पर संयमित टिप्पणी
India-US Trade Deal पर Sharad Pawar ने जल्दबाज़ी से बचते हुए कहा, “अगले दो दिनों में इस समझौते की असली तस्वीर सामने आ जाएगी।”

मतलब साफ है— पहले facts, फिर फैसला।
China Border और Manoj Naravane की किताब पर सवाल
पूर्व Army Chief Manoj Naravane की किताब का जिक्र करते हुए Sharad Pawar ने कहा कि इस पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी।
India-China relations और border dispute जैसे मुद्दों पर भी बहस जरूरी है। यह बयान संसद की प्राथमिकताओं पर सीधा तंज माना जा रहा है।
एक तरफ सत्ता में बदलाव, दूसरी तरफ अनुभव की ठंडी आग। Sharad Pawar ने न शोर मचाया, न जश्न — बस लाइन खींच दी, और राजनीति में यही सबसे बड़ा मूव होता है।
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